धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, छात्र आंदोलन समाप्त Pralhad Joshi

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान प्रल्हाद जोशी के हाथ।

राष्ट्रपति भवन ने की अतिरिक्त प्रभार की घोषणा, जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों ने मनाई जीत; दिल्ली में मेट्रो सेवाएं और जनजीवन हुआ सामान्य।

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अंतरिम रूप से केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे Pralhad Joshi।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में कई सप्ताह से चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन काकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी हो चुकी हैं, जिसके बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई।

मुंबई में रविवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने छात्र आंदोलन की सफलता के उपलक्ष्य में विजय मार्च निकाला। वहीं, दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही जश्न मनाया।

प्रदर्शनों के दौरान बंद किए गए कई मेट्रो स्टेशनों को अब दोबारा खोल दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के अनुसार, नेटवर्क के सभी स्टेशन यात्रियों के लिए पूरी तरह खोल दिए गए हैं और प्रवेश एवं निकास सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। इंटरनेट प्रतिबंध भी हटा लिए गए हैं, जिससे राजधानी में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार Pralhad Joshi को सौंपे जाने के साथ ही मंत्रालय के नियमित कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने की तैयारी शुरू हो गई है। अब राजनीतिक और शैक्षणिक जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा मंत्रालय में आगे क्या बड़े निर्णय लिए जाते हैं।

इस्तीफे की पुष्टि होते ही विरोध स्थल पर खुशी की लहर, सीजेपी ने आंदोलन की सफलता को संविधान की जीत बताया

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुष्टि होते ही जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के बीच खुशी का माहौल बन गया। मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में सिग्नल जैमर लगाए जाने के कारण इस्तीफे की जानकारी विरोध स्थल तक देर से पहुंची, लेकिन आधिकारिक पुष्टि मिलते ही आंदोलनकारियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

इस्तीफे के बाद सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसे आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान की जीत है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।

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