ऊमरा-देवरी कला मार्ग पर पुलिया दो हिस्सों में बंटी, आवागमन ठप GOTEGAON

ऊमरा-देवरी कला मार्ग पर पुलिया दो हिस्सों में बंटी, आवागमन ठप GOTEGAON

एक किलोमीटर कच्ची सड़क पर बारिश में दलदल, स्कूल वाहनों को 6 किमी का अतिरिक्त फेरा; ग्रामीणों में नाराजगी

GOTEGAON/कमोद। गोटेगांव जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खोबी-देवरी कला से जुड़े ऊमरा गांव से सिमरीबड़ी मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला करीब एक किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग आजादी के बाद से ही बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। बारिश के दिनों में सड़क पर दलदल और कीचड़ होने के कारण आम राहगीरों के साथ छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।

इसी मार्ग पर ऊमरा गांव के समीप पानी निकासी के लिए बनाई गई पुलिया टूटकर दो हिस्सों में बंट गई है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

स्कूल वाहनों को लगाना पड़ रहा छह किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर

पुलिया टूटने का सीधा असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। चार पहिया स्कूल वाहन पुलिया से नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों को देवरी कला और खोबी होते हुए करीब छह किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गोटेगांव शहर स्थित स्कूलों तक बच्चों को पहुंचाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों के समय की बर्बादी के साथ वाहन संचालकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक एवं समय का भार पड़ रहा है।

आपात स्थिति में एंबुलेंस पहुंचना भी चुनौती

ग्रामीणों के अनुसार सड़क और पुलिया की बदहाल स्थिति आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर समस्या बन जाती है। ऊमरा गांव में किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने अथवा गर्भवती महिला को प्रसव के लिए तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की आवश्यकता होने पर जननी सुरक्षा वाहन और एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है।

बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाने से मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में देरी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हालात में गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की परेशानी बढ़ जाती है।

पंचायत से कई बार की पक्की सड़क की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि सुगम आवागमन के लिए देवरी कला पंचायत से करीब एक किलोमीटर कच्ची सड़क को पक्का कराने की मांग कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से की जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क और पुलिया की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

पक्की सड़क के अभाव में विकास प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किसी भी गांव के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। ऊमरा गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला यह छोटा-सा मार्ग यदि पक्का हो जाए और क्षतिग्रस्त पुलिया का पुनर्निर्माण करा दिया जाए, तो ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिल सकती है।

ग्रामीणों ने संबंधित पंचायत एवं प्रशासन से पुलिया का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने तथा एक किलोमीटर मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दिनों में भी आवागमन सुचारु रह सके।

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