भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, जयघोष और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ पूरा कमोद।
गोटेगांव – कमोद / श्रीराम सेन – देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ की नगरी कमोद एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में रंग गई। सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए शनिवार को भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और आस्था के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा वातावरण “जय जगन्नाथ“ के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा।भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का आकर्षक श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात सुसज्जित रथ एवं झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारकर पुष्पवर्षा की तथा प्रसाद वितरण किया। ढोल-नगाड़ों, भजन मंडलियों और धार्मिक धुनों के बीच भक्त भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए भाव-विभोर नजर आए।
देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु के चार माह के योगनिद्रा में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है, जिसका सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। कमोद में आयोजित यह पारंपरिक शोभायात्रा वर्षों से श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक रही है।आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों तथा प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित की गई।






