मुख्य प्रवेश द्वार पर कचरे का ढेर, गड्ढों में जमा मटमैले पानी से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा
THE TOPLINE | कमोद (गोटेगांव)
गोटेगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कमोद-रहली में स्वच्छ भारत मिशन एवं ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में नजर आ रही है। गांव के कई वार्डों में कचरा घरों का अभाव है, वहीं जहां कचरा घर बने हैं, वहां भी समय पर कचरे का उठाव नहीं होने से गंदगी के ढेर लग गए हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से जल निकासी भी बाधित हो रही है।
सबसे गंभीर स्थिति गांव के मुख्य प्रवेश द्वार सांकल मार्ग पर देखने को मिल रही है। यहां लंबे समय से आसपास के रहवासी घरेलू कचरा, गोबर एवं अन्य अपशिष्ट डाल रहे हैं। समय पर कचरे का निस्तारण नहीं होने के कारण यह स्थान अब गंदगी के बड़े अंबार में तब्दील हो चुका है।
बारिश के दौरान जल निकासी नहीं होने से कचरे के बीच गड्ढों में मटमैला और दूषित पानी जमा हो गया है। इस पानी में बड़ी संख्या में मच्छरों का लार्वा पनप रहा है, जिससे क्षेत्र में मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया गया, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं ग्राम पंचायत से मांग की है कि जिन वार्डों में कचरा घर नहीं हैं, वहां शीघ्र नए कचरा घरों का निर्माण कराया जाए। साथ ही नियमित सफाई, नालियों की सफाई, कचरे का समय पर निस्तारण तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए, ताकि स्वच्छता अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाया जा सके और लोगों को संभावित जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके।






