जर्जर एलटी लाइनें दे रही हादसे को न्योता, नवीन विद्युत लीड लगाने के लिए ग्रामीणों को मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख
The Topline | गोटेगांव
ग्राम पंचायत कमोद में अटल ज्योति योजना के तहत प्राइवेट ठेके के माध्यम से विद्युत कार्य कराए जाने के बाद से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है। गांव के विभिन्न वार्डों में कहीं जर्जर विद्युत लाइनें परेशानी का कारण बनी हुई हैं तो कहीं विद्युत ट्रांसफार्मर के उपकरणों में खराबी के चलते उपभोक्ताओं को आए दिन विद्युत संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम कमोद में शासकीय माध्यमिक विद्यालय भवन के समीप करीब 200 मीटर क्षेत्र में बिछी एलटी विद्युत लाइन लंबे समय से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों के अनुसार, अटल ज्योति योजना के तहत कार्य होने के बाद से इन्हीं पुरानी एलटी लाइनों के माध्यम से संबंधित वार्डों में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। लेकिन समय बीतने के साथ विद्युत लाइनें कई स्थानों पर कट लगी और जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं।
स्थिति यह है कि जर्जर विद्युत तार आए दिन टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना तेज हवा या आंधी के भी तार टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस स्थान पर यह जर्जर विद्युत लाइनें हैं, उसके पास ही मुख्य मार्ग के साथ शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय संचालित होते हैं। ऐसे में विद्युत तार टूटकर जमीन पर गिरने से स्कूली बच्चों, राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों द्वारा गोटेगांव ग्रामीण विद्युत विभाग से कई वर्षों से जर्जर एलटी लाइनों को हटाकर नवीन विद्युत लीड लगाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा हर बार आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें अब तक केवल “तारीख पर तारीख” ही मिलती रही है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जर्जर एलटी लाइनों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और पुरानी विद्युत लीड के स्थान पर नवीन विद्युत लाइन लगाने का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते विद्युत लाइनों को नहीं बदला गया तो भविष्य में तार टूटने से किसी बड़ी जनहानि की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई कर जर्जर विद्युत लाइनों को बदला जाए।






