IMD ने जारी किया मौसम अपडेट, पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना; किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
The Topline | GOTEGAON
देशभर में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी जारी की है। IMD के ताजा अपडेट के अनुसार 21 अगस्त को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
नरसिंहपुर सहित इन जिलों में बारिश का असर
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर, दमोह, सागर, विदिशा, देवास, हरदा, धार, इंदौर, बालाघाट, खंडवा, सिवनी, नर्मदापुरम, खरगोन, भोपाल, बैतूल, मंडला और सीधी सहित कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।
नरसिंहपुर जिला पूर्वी मध्यप्रदेश के अंतर्गत आता है और IMD के 20 अगस्त के अपडेट में पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी दी गई है।
तेज हवाओं के साथ हो सकती है बारिश
मौसम के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। आंधी के चलते पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण अलर्ट
लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ सकता है। किसानों को मौसम खराब होने की स्थिति में खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में न रुकने की सलाह दी जाती है।
गोटेगांव क्षेत्र में भी सतर्कता जरूरी
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत लाइनों, पेड़ों और कमजोर भवनों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
IMD के अनुसार मध्यप्रदेश में बारिश का दौर 21 अगस्त के बाद भी जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 22 अगस्त को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
अपील: मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने और आंधी के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।






