जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पत्र में युवाओं को 'भ्रमित' किए जाने का किया उल्लेख; आंदोलनकारी बोले— "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए" Jantar Mantar
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर उनकी इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इस्तीफे के बाद आंदोलनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों की जीत बताया।आंदोलन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा, “वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला लगातार चले छात्र आंदोलन और जनदबाव का परिणाम है।धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने दो पृष्ठों के इस्तीफा पत्र में कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों के भविष्य को किसी भी तरह के विवाद, कानूनी उलझनों और भ्रम से बचाना है। उन्होंने पत्र में दो स्थानों पर यह भी उल्लेख किया कि कुछ लोगों द्वारा युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास किया गया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य और देशहित उनके लिए सर्वोपरि है।NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस पूरे विवाद में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।






