तीन प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज होने के बावजूद रिजर्वेशन काउंटर नहीं, यात्रियों को ऑनलाइन एजेंटों या दूसरे स्टेशनों पर होना पड़ता है निर्भर
THE TOPLINE/ करकबेल – रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए करकबेल रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है, लेकिन आज भी यहां आरक्षण टिकट (Reservation Ticket) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करकबेल स्टेशन पर जबलपुर–वेरावल एक्सप्रेस (11463/11464), विंध्याचल एक्सप्रेस (11271/11272) तथा प्रयागराज छिवकी एक्सप्रेस (11273/11274) जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव है। इन ट्रेनों से आसपास के गांवों और कस्बों के लोग बड़ी संख्या में सफर करते हैं, लेकिन यदि किसी यात्री को स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करनी हो तो उसे या तो निजी एजेंटों एवं ऑनलाइन दुकानों के माध्यम से अतिरिक्त शुल्क देकर टिकट बनवानी पड़ती है या फिर नरसिंहपुर अथवा श्रीधाम रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है।
तत्काल टिकट बनवाना सबसे बड़ी चुनौती
यात्रियों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) के समय होती है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण कई बार टिकट बुक नहीं हो पाती। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में वेटिंग टिकट लेना पड़ता है। यदि यात्री ऑफलाइन तत्काल टिकट बनवाना चाहता है तो उसे सुबह-सुबह नरसिंहपुर या श्रीधाम रेलवे स्टेशन पहुंचकर पहले टोकन लेना पड़ता है। इसके बाद एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर तत्काल टिकट के लिए 11 बजे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।
जनरल कोच में सफर करने को मजबूर यात्री
आरक्षण सुविधा नहीं होने के कारण कई यात्री मजबूरी में जनरल कोच से यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा में जनरल डिब्बों की भीड़ के कारण यात्रियों को भारी असुविधा और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यात्रियों की मांग
क्षेत्रीय यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि करकबेल रेलवे स्टेशन पर जल्द से जल्द कंप्यूटरीकृत आरक्षण टिकट काउंटर शुरू किया जाए, ताकि लोगों को अतिरिक्त खर्च और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके। उनका कहना है कि जब स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का नियमित स्टॉपेज है, तो यात्रियों की सुविधा के लिए आरक्षण टिकट की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।






