कमोद-रहली के बीच यमुना नाला पुलिया की कम ऊंचाई से बारिश में जलभराव, संकेतक बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालक परेशान।
GOTEGAON | The Topline News
तहसील मुख्यालय गोटेगांव को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर से जोड़ने वाले गोटेगांव-सांकल मार्ग पर लंबे समय से चली आ रही समस्याएं अब हादसे का कारण बन सकती हैं। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग पर कमोद और रहली गांव के बीच यमुना नाला पुलिया की स्थिति वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों पहले बनाई गई इस पुलिया की ऊंचाई काफी कम है, जिसके कारण बारिश के मौसम में आए दिन जलभराव की स्थिति बन जाती है। पानी भरने से मार्ग बाधित होता है और कई बार घंटों तक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब इस मार्ग पर सीसी सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा था, तब संबंधित एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा पुलिया का नए सिरे से निर्माण कराने और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पुरानी पुलिया पर ही सीसी सड़क बना दी गई। न तो पुलिया की ऊंचाई बढ़ाई गई और न ही सुरक्षा के लिए रैलिंग लगाई गई।
रैलिंग और संकेतक बोर्ड का अभाव बढ़ा रहा खतरा
सांकल मार्ग पर अन्य पुल-पुलियों का निर्माण नए सिरे से किया गया है, लेकिन यमुना नाला पुलिया पर आज भी रैलिंग नहीं लगी है। क्रॉसिंग के समय वाहन चालकों को दुर्घटना का भय बना रहता है। बारिश के दौरान जलभराव होने पर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए मार्ग के दोनों ओर चेतावनी संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने, रैलिंग लगाने और संकेतक बोर्ड लगाने की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।






