NEET विवाद पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का विरोध; NDA ने धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में लगाए नारे, सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की शुरुआत की। Parliament
Parliament संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और संसद परिसर में परीक्षा पेपर लीक मुद्दे को लेकर जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। एक ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर NDA सांसदों ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर “प्रधान जिंदाबाद” के नारे लगाकर शक्ति प्रदर्शन किया।
धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। उनके इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लगातार संसद के भीतर और बाहर उठाने की तैयारी में है।
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने सुबह बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। कांग्रेस ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया, जबकि सत्तापक्ष ने इसे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
इसी बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। सरकार का दावा है कि यह संशोधन देशभर में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा घोटालों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।
प्रस्तावित विधेयक में सात महत्वपूर्ण संशोधनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राज्यों को विशेष फास्ट-ट्रैक न्यायालय स्थापित करने का अधिकार मिलेगा, जबकि पेपर लीक से जुड़े मामलों की समयबद्ध जांच और सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधेयक के अनुसार आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
मानसून सत्र के दौरान यह विधेयक सरकार और विपक्ष के बीच सबसे बड़े राजनीतिक और विधायी मुद्दों में से एक बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस होने की संभावना है।






