गुंदरई में विशाल देवी जागरण में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, संजो बघेल के देवी गीतों पर झूमे श्रद्धालु GUNDRAI

51 शक्तिपीठों के साथ माता रानी की 60 प्रतिमाओं की स्थापना, मनमोहक झांकियों ने मोहा मन; 25 अक्टूबर को होगा विसर्जन

51 शक्तिपीठों के साथ माता रानी की 60 प्रतिमाओं की स्थापना, मनमोहक झांकियों ने मोहा मन 25 अक्टूबर को होगा विसर्जन GUNDRAI

गुंदरई में भव्य गरबा-डांडिया महोत्सव का आयोजन, प्रतिभागियों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से बांधा समां

GUNDRAI, नरसिंहपुर। ग्राम गुंदरई में मां महाकाली महाशक्ति महोत्सव के अंतर्गत सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा विशाल देवी जागरण का भव्य आयोजन किया गया। संस्कारधानी की प्रसिद्ध आल्हा एवं देवी गीत गायिका संजो बघेल की प्रस्तुति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। जिलेभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी गीतों, भजनों और मनमोहक झांकियों का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी और माता रानी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

संजो बघेल की प्रस्तुति ने बांधा समां

देवी जागरण में संजो बघेल ने अपनी सुमधुर आवाज में एक से बढ़कर एक देवी गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी। देवी गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए, वहीं समिति द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ के कारण कई स्थानों पर आवागमन के लिए भी जगह कम पड़ गई।

इस अवसर पर संजो बघेल ने कहा कि गुंदरई भक्ति का ऐसा स्थल है, जहां हमेशा भक्ति की गंगा बहती रहती है। यहां माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और समर्पण देखने को मिलता है। गांव का भक्तिमय वातावरण और लोगों का उत्साह बेहद प्रभावित करने वाला है।

51 शक्तिपीठों के साथ माता रानी की 60 प्रतिमाएं स्थापित GUNDRAI

गुंदरई में इस वर्ष शारदीय नवरात्र के अवसर पर 51 शक्तिपीठों के साथ माता रानी की कुल 60 प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। यहां लगातार पूजन-अर्चन और आराधना का क्रम जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। समिति के अनुसार, 25 अक्टूबर को पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

51 शक्तिपीठों के साथ माता रानी की 60 प्रतिमाओं की स्थापना, मनमोहक झांकियों ने मोहा मन; 25 अक्टूबर को होगा विसर्जन

1966 से चली आ रही है प्रतिमा स्थापना की परंपरा

गुंदरई में वर्ष 1966 से माता रानी की प्रतिमा स्थापना की परंपरा निरंतर चली आ रही है। यह आयोजन गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। गुंदरई के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गायिका संजो बघेल ने गांव के इतिहास पर आधारित आल्हा की रचना भी की है, जो यूट्यूब पर उपलब्ध है। देवी जागरण के मंच से आल्हा के माध्यम से गुंदरई के इतिहास की गाथा भी सुनाई गई।

पुलिस बल और समिति ने संभाली व्यवस्थाएं GUNDRAI

विशाल जनसमूह को देखते हुए थाना से आए पुलिस बल ने सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार सक्रिय रहे। कार्यक्रम में गांव के साथ-साथ क्षेत्र के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिकों ने भी सहभागिता की।

समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह पटेल ने माता रानी के दर्शन और जागरण में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संजो बघेल एवं उनकी पूरी टीम को शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने वाले पुलिसकर्मियों का भी धन्यवाद किया।

मां महाकाली महाशक्ति महोत्सव गुंदरई की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बना हुआ है। विशाल देवी जागरण में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।

Scroll to Top