29 October को मनाया जाएगा करवा चौथ का पर्व, श्रृंगार और सुहाग के सामान की दुकानों पर बढ़ी चहल-पहल Karwa Chauth
गोटेगांव। सुहाग, प्रेम, विश्वास और अटूट दांपत्य रिश्ते का प्रतीक करवा चौथ का पर्व नजदीक आते ही नगर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। आगामी 29 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले करवा चौथ पर्व को लेकर सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं व्रत की तैयारियों में जुट गई हैं। बाजारों में सजी रंग-बिरंगी चूड़ियां, आकर्षक आभूषण, साड़ियां, सोलह श्रृंगार की सामग्री और करवा चौथ पूजन से जुड़ी वस्तुएं महिलाओं को आकर्षित कर रही हैं।
Karwa Chauth का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा की जाती है और रात्रि में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए महिलाएं अभी से आवश्यक सामग्री की खरीदारी कर रही हैं।
रंग-बिरंगी चूड़ियां, छलनी और करवा बने आकर्षण का केंद्र
करवा चौथ को लेकर बाजारों में चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, मंगलसूत्र, बिछिया, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। लाल, मैरून, हरे और सुनहरे रंगों की चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। वहीं, करवा चौथ की पूजा के लिए मिट्टी और धातु के करवे, पूजा की थाली, छलनी, दीपक तथा अन्य पूजन सामग्री भी खरीदी जा रही है।महिलाएं अपनी पसंद और परंपरा के अनुसार सुहाग का सामान चुन रही हैं। कोई नई चूड़ियां और आभूषण खरीद रही है, तो कोई पूजा की थाली और व्रत से संबंधित जरूरी सामग्री जुटाने में लगी है। बाजारों में दुकानदारों ने भी पर्व को देखते हुए विभिन्न प्रकार के श्रृंगार और पूजन सामग्री के सामान सजाकर रखे हैं।
खरीदारी के साथ बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
त्योहार के चलते बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। परिवारों के साथ खरीदारी करने पहुंच रहीं महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार सामान पसंद कर रही हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगे श्रृंगार के सामान और आकर्षक सजावट के बीच त्योहार का माहौल नजर आने लगा है। करवा चौथ के नजदीक आने के साथ बाजारों में ग्राहकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।Karwa Chauth केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण और विश्वास को अभिव्यक्त करने का पर्व भी है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सोलह श्रृंगार करती हैं और पूरे उत्साह के साथ व्रत की रस्में निभाती हैं।






