GOTEGAON में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा

GOTEGAON में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा
GOTEGAON में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कथा में पहुंचकर लिया कथा व्यास श्री विपिन विहारी दास जी महाराज का आशीर्वाद

GOTEGAON में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा

GOTEGAON। नगर में आध्यात्मिक भक्ति और धर्ममय वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को हुआ। श्रीमती यशोदाबाई पटेल जी एवं स्वर्गीय मणि नागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की स्मृति में आयोजित यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। कथा का आयोजन गोतेगांव में मणि नागेंद्र सिंह सैनिक स्कूल के पास किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल के आयोजन में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्तियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर निकली महिलाओं की उपस्थिति से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलश यात्रा कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।

कथा का वाचन कथा व्यास संवारे सरकार गोपीठाधीश्वर महंत श्री विपिन विहारी दास जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। प्रथम दिवस की कथा में महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में भगवान हरि की कथा का श्रवण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

GOTEGAON। नगर में आध्यात्मिक भक्ति और धर्ममय वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को हुआ। श्रीमती यशोदाबाई पटेल जी एवं स्वर्गीय मणि नागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की स्मृति में आयोजित यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। कथा का आयोजन गोतेगांव में मणि नागेंद्र सिंह सैनिक स्कूल के पास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल के आयोजन में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्तियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर निकली महिलाओं की उपस्थिति से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलश यात्रा कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। कथा का वाचन कथा व्यास संवारे सरकार गोपीठाधीश्वर महंत श्री विपिन विहारी दास जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। प्रथम दिवस की कथा में महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में भगवान हरि की कथा का श्रवण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में हरि कथा का श्रवण नहीं किया, उसका जीवन केवल जन्म लेने और माता को प्रसव पीड़ा देने तक ही सीमित रह गया। मानव जीवन का वास्तविक महत्व तभी है, जब मनुष्य भगवान का स्मरण करे और भक्ति के मार्ग पर चले। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने कथा व्यास संवारे सरकार गोपीठाधीश्वर महंत श्री विपिन विहारी दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री के आगमन पर उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। सात दिनों तक चलने वाली इस श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, आध्यात्मिक ज्ञान एवं जीवन के आदर्शों का वर्णन किया जाएगा। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की गई है। श्रीमती यशोदाबाई पटेल एवं स्वर्गीय मणि नागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की स्मृति में आयोजित यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में हरि कथा का श्रवण नहीं किया, उसका जीवन केवल जन्म लेने और माता को प्रसव पीड़ा देने तक ही सीमित रह गया। मानव जीवन का वास्तविक महत्व तभी है, जब मनुष्य भगवान का स्मरण करे और भक्ति के मार्ग पर चले इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने कथा व्यास संवारे सरकार गोपीठाधीश्वर महंत श्री विपिन विहारी दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री के आगमन पर उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।

सात दिनों तक चलने वाली इस श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, आध्यात्मिक ज्ञान एवं जीवन के आदर्शों का वर्णन किया जाएगा। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की गई है।

श्रीमती यशोदाबाई पटेल एवं स्वर्गीय मणि नागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की स्मृति में आयोजित यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा है।

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